लखनऊ
डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एवं विश्वविद्यालय के विजिटर जस्टिस विक्रम नाथ ने किया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कुलपति से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बिना लिखित भाषण के बोलने की सलाह दी थी, जबकि कुलपति ने लिखित भाषण पढ़ने का अनुरोध किया। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल वह कुलपति की बात मानेंगे, लेकिन अगली बार मुख्यमंत्री की सलाह के अनुसार बिना कागज देखे भाषण देंगे।
समारोह में 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 मेधावियों को कुल 20 पदकों से सम्मानित किया जा रहा है। इनमें 11 स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। यह सम्मान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए दिया जा रहा है।
स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में आठ छात्राएं और तीन छात्र शामिल हैं। समारोह विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों का उत्सव है। कार्यक्रम में न्यायपालिका और राज्य सरकार की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को खास बनाया।


