नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) की एक रामलीला (Ramlila) में इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला कमेटी ने यह फैसला लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
श्री केशव रामलीला कमेटी के मुताबिक, कॉकरोच गंदगी का प्रतीक है। उसका पुतला जलाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा। इस बार रामलीला में पारंपरिक रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाने के साथ यह नया प्रयोग भी देखने को मिलेगा। श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल के मुताबिक, 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। इस बार पीतमपुरा की रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। कमेटी के अनुसार, कॉकरोच को गंदगी के प्रतीक के तौर पर दर्शाया गया है और उसका पुतला जलाकर सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरी ओर, CJP ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर जुटने की अपील की है। संस्था के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शाम 5 बजे लोगों से एकत्र होने का आह्वान किया है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद रखने की सूचना दी है। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है और लोगों से कनॉट प्लेस तथा आसपास के इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।
दिल्ली के पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला कमेटी ने इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है। समिति का कहना है कि कॉकरोच गंदगी और मैल का प्रतीक है। इसके पुतले को जलाकर लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। समिति ने इस पहल को स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान से भी जोड़ा है।
रामलीला समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल ने कहा कि कॉकरोच का पुतला जलाने के फैसले के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। अशोक गोयल के मुताबिक, रामलीला में रावण की सेना के असुरों के बीच कॉकरोच को भी दर्शाया जाएगा। इस तरह पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला भी इस बार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।


