लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वांचल के कुछ इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद 17 अक्टूबर से मौसम के शुष्क होने की संभावना है।
बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर में सबसे अधिक 28.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मेरठ में 15.9 मिमी, नजीबाबाद में 8.4 मिमी, अलीगढ़ में 7.8 मिमी और आगरा में 6.8 मिमी वर्षा हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचे।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आया है। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने और शनिवार को बूंदाबांदी होने की संभावना है। बृहस्पतिवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश में प्रयागराज 35.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि हरदोई में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में मौसम सुहावना हुआ है।
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ गई है। बर्फ जमा होने के कारण मनाली-लेह राजमार्ग, अटल टनल मार्ग और मुगल रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश, तेज हवाओं और बर्फबारी की स्थिति बनी है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और यात्रा से पहले मौसम व सड़क संबंधी ताजा जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।


