गोंडा: गोंडा (Gonda) के इटियाथोक थाना (Itiyathok Police Station) क्षेत्र में मंगलवार को चोरी की लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। चोर बेखौफ होकर घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत मध्यनगर का है, जहां बीती रात अज्ञात चोरों ने एक घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित चितरंजन सिंह उर्फ लाल साहब पुत्र स्वर्गीय धर्मराज सिंह निवासी मध्यनगर ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बीती रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच अज्ञात चोर छत के रास्ते उनके घर में दाखिल हुए।
चोरों ने कमरे में रखे बक्से और सूटकेस की कुंडी तोड़कर उसमें रखी सोने की दो अंगूठियां, एक सोने की चेन, चांदी की एक पायल और 18 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। सुबह चोरी की जानकारी होने पर पीड़ित ने डायल 112 और स्थानीय थाने को सूचना दी। इसके बाद 13 अक्टूबर को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। घटना से गांव के लोगों में भय का माहौल है। इटियाथोक क्षेत्र में चोरी की घटनाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते माह ग्राम बिनौहनी में भी चोरों ने एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाया था।
अरविंद कुमार पुत्र रामदेव के घर में छत के रास्ते घुसकर चोरों ने अलमारी तोड़ी और सोने-चांदी के जेवरात के साथ सात हजार रुपये नकद चोरी कर लिए थे। इसी रात दिनेश कुमार वर्मा के घर से 10 हजार रुपये नकद और जेवरात चोरी हुए थे। वहीं, रामभवन के घर से झुमकी, मटरमाला, बाली, बिछिया और पायल समेत हजारों रुपये का सामान चोरी कर लिया गया था। चोरों के हौसले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों इटियाथोक थाना परिसर से महज 100 मीटर दूर स्थित डाकघर में तैनात अभिकर्ता संत प्यारे तिवारी के काउंटर से दिनदहाड़े 50 हजार रुपये चोरी हो गए थे, थाना परिसर के इतने नजदीक हुई इस घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में प्रभावी पुलिस गश्त नहीं होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक गोंडा से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की सभी घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। इस संबंध में इटियाथोक थानाध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सीयूजी नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर बताता रहा। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका था ।


