अयोध्या में पिछले छह वर्षों के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2019 से पहले रामलला टेंट में विराजमान थे और पर्व-त्योहार मनाने के लिए अनुमति लेने की जरूरत पड़ती थी। आज रामनगरी का माहौल पहले की तुलना में काफी अलग नजर आता है।
अब भव्य राम मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना और नित्य सेवा व्यवस्थित दिनचर्या के अनुसार की जाती है। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान नियमित रूप से संपन्न होते हैं। श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन और पूजा का अनुभव भी मंदिर की व्यवस्थाओं के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही में नई पहचान देखने को मिली है। प्रमुख पर्वों और विशेष अवसरों पर नगर में उत्सव जैसा माहौल रहता है। मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत कर रहे हैं।
आज अयोध्या केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बन रही है। राम मंदिर से जुड़े विकास कार्यों और बेहतर सुविधाओं के कारण शहर में बदलाव दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में अयोध्या की व्यवस्थाओं और विकास पर देशभर के लोगों की नजर बनी रहेगी।


