– छह फरियादियों की समस्याएं सुनीं, संबंधित अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश
फर्रुखाबाद। मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने के उद्देश्य से उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरगांव की कक्षा छह की छात्रा पायल दीक्षित को एक दिन की प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाया गया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में आयोजित इस पहल के दौरान पायल ने जनसुनवाई में छह फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनीं पायल दीक्षित, किसान राजेश दीक्षित की पुत्री हैं। जनसुनवाई के दौरान उनके समक्ष जमीन पर अवैध कब्जे, अतिक्रमण और जाम, कृषि भूमि विवाद, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण, छेड़खानी के मामले में झूठा फंसाए जाने तथा आवास उपलब्ध न होने से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत की गईं।
पायल ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जमीन पर कब्जे के मामले में उप जिलाधिकारी सदर, फतेहगढ़ में अतिक्रमण की समस्या पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा कृषि भूमि विवाद में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत नगर मजिस्ट्रेट को, जबकि छेड़खानी के मामले में निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी कोतवाली प्रभारी को सौंपी गई। आवास संबंधी शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी को पात्रता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने पायल दीक्षित को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के तहत इस प्रकार की पहल बालिकाओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक है। इससे उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और नेतृत्वक्षम बनाना आवश्यक है। मिशन शक्ति अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है।


