लखनऊ
बेहता नाले में फंसी भैंस को बचाने की कोशिश में एक युवक डूब गया। घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजे की है, जब दोस्त के बुलाने पर युवक भैंस को बाहर निकालने पहुंचा था। वह जूट की रस्सी के सहारे पानी में उतरा, लेकिन अचानक रस्सी हाथ से छूट गई और वह करीब 30 फीट गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, मगर सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर पुलिस ने सात गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। युवक का अब तक पता नहीं चल सका है और तलाशी अभियान जारी है।
दूसरी ओर, गोमती नदी का जलस्तर लगातार 11वें दिन बढ़ने से राजधानी के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वीआईपी इलाकों की सड़कें पानी में डूब गई हैं और लेटे हनुमान मंदिर तथा हनुमंत धाम सहित कई धार्मिक स्थलों में पानी भर गया है। इकाना स्टेडियम में जमा पानी निकालने के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए गए हैं। वहीं, मॉल के आसपास पानी भरने से वह टापू जैसा दिखाई दे रहा है। IIIT परिसर और आपदा प्रबंधन कार्यालय भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं।
फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कई गलियों में पानी लोगों के गले तक पहुंचने की खबर है। स्थानीय स्तर पर सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 40 हजार से अधिक घर आधे से ज्यादा पानी में डूब चुके हैं, जबकि तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। घरों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में जलभराव बढ़ने के साथ ही प्रभावित परिवारों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं।
प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 40 से अधिक नावें लोगों की मदद के लिए लगाई गई हैं। हालांकि, प्रभावित आबादी के मुकाबले नावों की संख्या कम पड़ रही है। ऐसे में कई परिवार खुद अस्थायी नावें तैयार करके आवाजाही कर रहे हैं। लोग इन्हीं साधनों की मदद से अपने बुजुर्ग माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि प्रभावित इलाकों के निवासियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।


