अमृतपुर फर्रुखाबाद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में आशा और संगिनियों का धरना-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जिसका सीधा असर अब आम स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। गुरुवार को केंद्र की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं, जिससे दूर-दराज से पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अस्पताल के जांच कक्ष में ताले लटके रहने के कारण ब्लड व अन्य जरूरी जांचें पूरी तरह बंद रहीं। इलाज कराने आए मरीजों का कहना है कि न तो उनकी जांच हो सकी और न ही उन्हें जरूरी दवाइयां मिल पाईं। इसके चलते कई मरीज बिना डॉक्टरी परामर्श और दवा लिए ही निराश होकर घर लौटने को मजबूर हुए।
अव्यवस्था और हड़ताल के बीच सीएचसी प्रभारी डॉ. मानसिंह खुद मोर्चा संभालते नजर आए। उन्होंने ओपीडी में बैठकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें परामर्श दिया। हालांकि, जांच और दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों की कतारें लगी रहीं।
अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने जल्द से जल्द धरने का समाधान निकालकर जांच कक्ष खुलवाने और दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है। दूर दराज से दवा लेने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे मरीज राजकुमार हरि ओम नितेश प्रखर दिनेश आसाराम अमर सिंह नीलिमा आरती देवकी नंदिनी आदि ने बताया कि पहले जब वह दवा लेने आते थे तो उन्हें समय से दवाइयां मिल जाती थी और जरूरी जांच भी हो जाया करती थी। परंतु अब हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अगर इसका समाधान जल्द ना हुआ तो दूर दराज से आने वाले मरीजों को ना तो समय से दवाई मिल पाएगी और न हीं उनकी जरूरी जांच हो पाएंगी। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए।


