का अंतर
– इनोंजा की कीमत में सबसे बड़ा अंतर, कई महंगी दवाओं की कीमतों में भी भारी फर्क
– 167 दवाओं की सूची केंद्र सरकार को भेजी गई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अस्पतालों के भीतर संचालित औषधि दुकानों की जांच में दवाओं की कीमतों में भारी अंतर सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेश के 214 अस्पतालों की औषधि दुकानों की जांच कर दवाओं की खरीद कीमत और अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य का मिलान किया।
जांच के दौरान एक ही कंपनी, एक ही नाम और एक ही मात्रा वाली दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत में भी काफी अंतर पाया गया। सबसे बड़ा अंतर इनोंजा नाम की दवा में सामने आया, जिसकी कीमत में 27,390 तक का अंतर दर्ज किया गया।
जांच में इनोंजा दवा की अधिकतम खुदरा कीमत अलग-अलग आपूर्तियों में 3,02,610 और 3,30,000 दर्ज मिली। यानी एक ही दवा की कीमत में 27,390 का अंतर पाया गया।
इसी तरह टेनक्टेरेल दवा की अधिकतम खुदरा कीमत में 5,940 तक का अंतर मिला। वहीं एल्बुराल की कीमत में भी 2,738 तक का अंतर दर्ज किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दवाएं अस्पतालों द्वारा जिस कीमत पर खरीदी जा रही हैं, उनकी अंकित अधिकतम खुदरा कीमत उससे कई गुना अधिक है। कई दवाओं में खरीद कीमत की तुलना में अधिकतम खुदरा कीमत 10 गुना से भी अधिक पाई गई।
कुछ मामलों में यह अंतर 67 गुना तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे अस्पतालों में दवाओं की कीमत तय करने की प्रक्रिया और मरीजों से वसूली जाने वाली रकम को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जांच के दौरान सामने आई 167 दवाओं की सूची केंद्र सरकार को भेजी है। विभाग की ओर से दवाओं की कीमतों में अंतर और खरीद-बिक्री के मूल्य की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई है।
दवाओं की कीमत में पारदर्शिता लाने के लिए अस्पतालों की औषधि दुकानों पर दवाओं की खरीद कीमत और मरीज को दी जाने वाली बिक्री कीमत की जानकारी सार्वजनिक करने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके तीमारदारों को यह जानकारी उपलब्ध कराना है कि अस्पताल ने दवा किस कीमत पर खरीदी और उसे किस कीमत पर बेचा जा रहा है।


