लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी, जो धर्म परिवर्तन के बाद जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर नाम से जाने जाते हैं, ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। सेंगर ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी हत्या की सुपारी दिए जाने की जानकारी उन्हें अपने सूत्रों से मिली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सेंगर के मुताबिक, तिहाड़ जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी को पुलिस कस्टडी या अदालत में पेशी के दौरान उनकी हत्या की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी दिए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेंगर ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कथित साजिश के पीछे लखनऊ से दुबई तक सक्रिय एक नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस इमारत में वह रह रहे हैं, वहां गुप्त कैमरे लगाकर उनकी और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
उनका कहना है कि कथित साजिश का उद्देश्य धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों में भय पैदा करना और कट्टरपंथी तत्वों को खुश करना है।
सेंगर ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश के गृह विभाग को पत्र भेजे जाने की बात कही है। उनके अनुसार, पत्र में उन्होंने कथित साजिश में शामिल लोगों के नाम और उनसे जुड़े नेटवर्क से संबंधित इनपुट भी उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। सेंगर ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी चुनाव से पहले उनकी जान को खतरा हो सकता है।
लखनऊ निवासी वसीम रिजवी उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। दिसंबर 2021 में उन्होंने गाजियाबाद स्थित दासना देवी मंदिर में इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने अपना नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी रखा था, जिसे बाद में बदलकर जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर कर लिया।


