नई दिल्ली: भारत और रूस (India and Russia) के बीच हुई सलाहकार समिति की बैठक में रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती भारतीय नागरिकों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, रूसी सेना (Russian army) में भर्ती करीब 140 भारतीय नागरिकों को अब तक सेवा से मुक्त किया जा चुका है। वहीं, भारत रूसी सेना में कथित तौर पर अभी भी मौजूद 55 भारतीय नागरिकों के बारे में रूसी अधिकारियों से जानकारी मांग रहा है।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार ने रूसी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को कई स्तरों पर उठाया है। भारत की ओर से रूसी सेना में सेवा कर रहे सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द मुक्त कराकर स्वदेश वापस लाने के लिए बातचीत जारी है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने रूसी अधिकारियों से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। भारतीय पक्ष 55 भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए भी लगातार संपर्क में है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पिछले महीने बताया था कि भारत को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए 227 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मिली थी। इनमें से 139 लोगों को सेवा से मुक्त किया जा चुका था, जबकि 51 भारतीय नागरिकों की मौत होने की जानकारी थी। मिसरी ने कहा था कि भारत रूस के साथ अलग-अलग स्तरों और विभिन्न मौकों पर इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि मॉस्को के साथ बातचीत का मुख्य उद्देश्य रूसी सेना में अभी भी सेवा कर रहे भारतीयों की जल्द रिहाई और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। बैठक में यह भी बताया गया कि भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उन बेईमान एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, जिन्होंने कथित तौर पर भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती कराने में भूमिका निभाई।


