लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने नौवां नामांकन पत्र खरीद लिया है, जिसके बाद चुनावी समीकरण और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।
मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों के लिए आवश्यक समर्थन का गणित बनता है। हालांकि भाजपा द्वारा नौवां पर्चा खरीदे जाने के बाद अब अतिरिक्त सीट के लिए मुकाबले की संभावनाओं पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 विधायकों के मत आवश्यक हैं। दलों के पास उपलब्ध संख्या और अतिरिक्त समर्थन को लेकर दोनों खेमों में रणनीतिक गतिविधियां चल रही हैं। क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी सामने आ रही है।
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा की ओर से तीसरे प्रत्याशी को लेकर भी चर्चा रही है।
भाजपा के नौवां पर्चा खरीदने के बाद अब दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने विधायकों को एकजुट रखने और आवश्यक समर्थन जुटाने की चुनौती है। नौवें पर्चे पर भाजपा किसे प्रत्याशी बनाती है, इसके बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।


