लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बसपा चुनावों में परिवारवाद और धनबल को बढ़ावा नहीं देती। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में बसपा और सपा की चुनावी राजनीति को लेकर कई दावे किए। मायावती ने कहा कि बसपा में टिकट वितरण में परिवार और रिश्तेदारों को प्राथमिकता नहीं दी जाती तथा पार्टी पूंजीपतियों और धनाढ्य लोगों पर निर्भर नहीं रहती।
मायावती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा परिवार के लोगों और धनाढ्य वर्ग को चुनावी अवसर देती है। उन्होंने पीडीए के मुद्दे पर भी सपा को घेरा और इसे राजनीतिक छलावा बताया। ये मायावती के राजनीतिक आरोप और उनका आकलन हैं; संबंधित दल इन दावों पर अपना पक्ष अलग से रख सकते हैं।
मायावती ने आगामी राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि सपा का तीसरा प्रत्याशी चुनाव जीतने के बजाय हारने के लिए होगा। यह मायावती का राजनीतिक दावा है, न कि चुनाव परिणाम का निष्पक्ष पूर्वानुमान।
मायावती इससे पहले भी सपा की पीडीए राजनीति और उम्मीदवार चयन को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाती रही हैं। अगस्त में उन्होंने सपा के पीडीए में ‘पी’ को ‘पंडित’ किए जाने को लेकर भी टिप्पणी की थी।
मायावती ने हाल के अपने बयानों में बसपा में परिवारवाद को लेकर अपनी नीति पर भी जोर दिया है। सितंबर में उन्होंने पार्टी संगठन में अपने परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर कई फैसलों की घोषणा की थी और कांशीराम के राजनीतिक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कहा था कि पार्टी में जिम्मेदारी व्यक्तिगत निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण के आधार पर होनी चाहिए।
मायावती के ताजा बयान को उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों और आगामी चुनावी तैयारियों के बीच बसपा की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।


