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Thursday, October 1, 2026

मुरादगंज सिलेंडर कांड: दो मौतों के बाद भी सवाल बरकरार, जिम्मेदार कौन?

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– दो युवकों की मौत, उठे सवाल।
– गैस रिफिलिंग में लापरवाही का आरोप।
– पुलिस से कार्रवाई, परिवार को मदद की मांग।
– मृतक के भाई ने पुलिस को दिया प्रार्थना पत्र।

अनुराग तिवारी
मुरादगंज/औरैया। मुरादगंज स्थित शिव शंभू स्वीट हाउस में 13 सितंबर को हुए सिलेंडर हादसे में दो युवकों की उपचार के दौरान मौत के बाद मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के भाई अनुज कुमार ने कोतवाली अजीतमल में प्रार्थना पत्र देकर घटना की जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में अनुज कुमार ने बताया कि उसके चचेरे भाई शिवम पुत्र सज्जन लाल, विपिन पुत्र किशन लाल तथा नितिन और गौरव पुत्र दीपचंद मुरादगंज स्थित शिव शंभू स्वीट हाउस में काम करते थे। प्रार्थना पत्र के अनुसार दुकान संचालक मनोज कुमार उर्फ छुनना द्वारा इन युवकों से दुकान के कार्य के अलावा गैस सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग और गैस भट्ठी से संबंधित कार्य भी कराया जाता था। आरोप है कि युवकों की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे यह जोखिमपूर्ण कार्य कराया जा रहा था।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक 13 सितंबर को करीब 12:45 बजे दुकान के बेसमेंट में गैस रिफिलिंग के दौरान गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से शिवम, विपिन समेत चार युवक गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलने पर घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर रेफर किया गया। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि घायलों का उपचार कानपुर में कराया गया, लेकिन शिवम और विपिन की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः दोनों की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि हादसा सामान्य दुर्घटना नहीं था, बल्कि दुकान पर कथित रूप से कराए जा रहे गैस रिफिलिंग कार्य और सुरक्षा में बरती गई लापरवाही से जुड़ा मामला है। हालांकि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि दुकान में गैस रिफिलिंग का कार्य किस परिस्थिति में कराया जा रहा था, उसके लिए क्या सुरक्षा इंतजाम थे और हादसे की वास्तविक वजह क्या रही।

मामले में अग्निशमन विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हादसे के बाद विभाग की ओर से प्रतिष्ठान की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल और कथित रिफिलिंग जैसे जोखिमपूर्ण कार्य की जांच की गई या नहीं, यह भी स्पष्ट होना चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों में कोई कमी थी तो उस पर क्या विभागीय कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए, इन सवालों का जवाब भी सामने आना जरूरी है।
मृतक के भाई ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही दो युवकों की मौत से प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता है। मांग है कि अजीतमल क्षेत्र में मिठाई की दुकानों, होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस सिलेंडरों के उपयोग तथा अग्नि सुरक्षा इंतजामों की विशेष जांच कराई जाए। खासकर यदि कहीं गैस रिफिलिंग जैसा जोखिमपूर्ण कार्य हो रहा है तो उसके खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि मुरादगंज जैसी घटना दोबारा न हो।
अब पुलिस जांच से यह साफ होना बाकी है कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। दो युवकों की मौत के बाद परिजनों को न्याय, दोषियों की जवाबदेही और भविष्य की सुरक्षा—इन तीनों पहलुओं पर प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।

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