फर्रुखाबाद। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से तराई क्षेत्र में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। हुसैनपुर तराई विद्युत उपकेंद्र के चम्पतपुर फीडर से जुड़े करीब 25 गांवों के खेतों, रास्तों और संपर्क मार्गों में बाढ़ का पानी भर जाने के बाद विद्युत विभाग ने एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। बिजली गुल होने से इन गांवों के ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ का पानी गांवों के आसपास पहुंचने से खेत जलमग्न हो गए हैं और कई संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के सामने एक ओर फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति बंद होने से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी दिक्कत बढ़ गई है। जलभराव वाले इलाकों में बिजली के तार और पोल पानी के संपर्क में आने से हादसे की आशंका को देखते हुए विभाग ने आपूर्ति रोकने का फैसला किया है।
विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी है। विभाग का कहना है कि बाढ़ के पानी के बीच विद्युत आपूर्ति चालू करना ग्रामीणों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए फिलहाल बिजली बंद रखी गई है। पानी कम होने के बाद लाइनों, पोल, ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच में व्यवस्था सुरक्षित पाए जाने के बाद ही आपूर्ति बहाल की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण पहले ही आवागमन मुश्किल हो गया है। अब बिजली बंद होने से परेशानी और बढ़ गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पानी कम होने के बाद जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग की है।
प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से लोगों से जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों को बिजली के पोल, तार अथवा अन्य विद्युत उपकरणों के पास जाने से बचने को कहा गया है। फिलहाल चम्पतपुर फीडर से जुड़े करीब 25 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है और विभाग की नजर बाढ़ का पानी कम होने पर टिकी है।


