29 C
Lucknow
Thursday, October 1, 2026

सर्दियों से पहले प्रदूषण पर सख्ती, बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र ईंधन नहीं

Must read

 

नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल देने पर रोक लागू कर दी गई है। इस व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों पर वाहन के पंजीकरण संख्या के माध्यम से उसके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जाएगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे वाहनों पर लगाम लगाना है जो बिना प्रदूषण जांच कराए सड़कों पर चल रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने पहुंचने वाले वाहनों की पहचान उनकी पंजीकरण संख्या के आधार पर की जाएगी। यदि वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वैध नहीं पाया जाता है तो उसे ईंधन देने से रोका जा सकता है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होने की समस्या लगातार सामने आती रही है। इसे देखते हुए इस बार प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों पर पहले से निगरानी बढ़ाने की तैयारी की गई है। वाहनों के अलावा पराली जलाने, सड़क की धूल, निर्माण कार्यों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर भी नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और औद्योगिक इकाइयों की जांच बढ़ाई जा रही है। सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है। निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। जांच के दौरान ऐसे वाहनों की पहचान की जाएगी जो निर्धारित प्रदूषण मानकों का पालन नहीं करते हैं। संबंधित विभागों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्दियों में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण में आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं की भूमिका को लेकर भी निगरानी बढ़ाई जाती है। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए संबंधित राज्यों और जिला प्रशासन के स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
वाहनों के अलावा सड़क की धूल भी दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है। प्रमुख सड़कों, निर्माण स्थलों और धूल वाले क्षेत्रों में सफाई तथा धूल नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया जा रहा है। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की जाएगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article