बैलेट पेपर से चुनाव पर जोर
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आठवीं बैठक बुधवार को दिल्ली के संविधान क्लब में हुई। बैठक में 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भविष्य के चुनावों में विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता की मांग करेंगे और इसके लिए मिलकर काम करेंगे। खड़गे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के स्थान पर मतपत्र से चुनाव कराने की मांग भी रखी।
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और वाम दलों समेत 19 दलों के प्रतिनिधि पहुंचे। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता बैठक में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के चलते बैठक में नहीं पहुंचे।
बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की संभावना है। विपक्षी दल संसद में प्रस्ताव लाने और संयुक्त कार्रवाई जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। इससे पहले विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भी भेजा था।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने बैठक से पहले चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने मतदान के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अवधि कम किए जाने और मतदान प्रतिशत में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया। ये दावे विपक्षी नेताओं की ओर से किए गए हैं।
विपक्षी गठबंधन की पिछली बैठक आठ जून 2026 को दिल्ली में हुई थी, जिसमें 23 दल शामिल हुए थे। उस बैठक में भी विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे थे। इस बार की बैठक में इन मुद्दों को लेकर आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई।


