अमृतपुर। फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर है। ऐसे में रामगंगा का पानी खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे ग्रामीणों और किसानों की चिंता फिर बढ़ गई है।
रामगंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में हुई तेज बारिश को माना जा रहा है। बारिश के बाद बैराजों में पानी बढ़ने से नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। खो, हरेली और रामनगर बैराज से कुल 27,719 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया, जिसके बाद अमृतपुर क्षेत्र में नदी का असर दोबारा दिखाई देने लगा है।
जलस्तर बढ़ने से कड़क्का बांध के आसपास के अलावा खंडोली, बिरसिंहपुर, असलानपुर, अल्हादपुर और विचपुरिया में कई फीट तक पानी भर गया है। अमैयापुर पुलिया तक भी पानी पहुंच गया है। खेतों और ग्रामीण रास्तों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।
करीब एक सप्ताह पहले रामगंगा का पानी कम होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली थी। खेतों से पानी निकलने पर उन्होंने गेहूं की फसल की तैयारी शुरू कर दी थी और जुताई का काम कराया जा रहा था। अब दोबारा जलस्तर बढ़ने से किसानों की मेहनत और फसल की तैयारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के गांवों और खेतों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगरानी के बीच ग्रामीण रामगंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


