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Monday, September 28, 2026

जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशलक्षण महापर्व, क्षमावाणी पर दिया क्षमा और आत्मशुद्धि का संदेश

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फर्रुखाबाद। मोहल्ला जोगराज स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 16 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक दशलक्षण महापर्व बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने भगवान महावीर की पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पर्व के समापन पर क्षमावाणी का आयोजन कर एक-दूसरे से क्षमा मांगने और आपसी कटुता भुलाकर प्रेम व सद्भाव के साथ रहने का संदेश दिया गया।
कन्हैयालाल जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व आत्मशुद्धि और साधना का महापर्व है। जैन धर्म में इसे विशेष महत्व दिया गया है। यह पर्व मनुष्य को पापों से दूर रहकर आत्मकल्याण और आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। दशलक्षण पर्व के दस धर्म उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम शौच, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य हैं। इन दस धर्मों का पालन करने से व्यक्ति सांसारिक दुखों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने बताया कि जैन धर्म में दशलक्षण महापर्व प्रतिवर्ष आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दौरान व्यक्ति अपने जाने-अनजाने में किए गए मन, वचन और कर्म से संबंधित दोषों की समीक्षा करता है। प्रतिक्रमण के माध्यम से अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करते हुए भविष्य में उन्हें दोबारा न दोहराने का संकल्प लिया जाता है।
नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने कहा कि भगवान महावीर ने आत्मकल्याण के लिए दस धर्मों के रूप में दस दीपक प्रदान किए हैं। पर्यूषण पर्व प्रतिवर्ष लोगों के अंतर्मन में दया, क्षमा और मानवता के भाव जागृत करने का कार्य करता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बिदियां भटनागर ने कहा कि जिस प्रकार दीपावली पर घर की साफ-सफाई की जाती है, उसी प्रकार पर्यूषण पर्व मन की सफाई करने का पर्व है। उन्होंने कहा कि जब तक मन की कटुता दूर नहीं होगी, तब तक क्षमावाणी पर्व मनाने का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। जैन धर्म क्षमा भाव की शिक्षा देता है। सभी को आपसी शिकवे-शिकायतें भुलाकर एक-दूसरे से क्षमा मांगनी और दूसरों को भी क्षमा करना चाहिए। दिल से मांगी गई क्षमा व्यक्ति को सज्जनता और सौम्यता के मार्ग पर ले जाती है।
इस अवसर पर इंद्र के वेश में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक और वृहद शांतिधारा करने का सौभाग्य आशीष कुमार जैन एवं रेनू जैन भिंड परिवार को प्राप्त हुआ। कन्हैयालाल जैन, कमल कुमार जैन, रोमिल जैन, अभिषेक जैन, नीरज जैन, चिराग जैन और ग्रंथ जैन ने अभिषेक एवं पूजन किया।
आयोजन में पवन कुमार जैन, मयंक जैन, राजीव जैन, सुरेंद्र सफ्फड़, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक अवनीश कुमार गुप्ता सहित पूनम जैन, मणि जैन, विमला जैन, कल्पना जैन, चेतना जैन, अंजू जैन, आरती जैन, वर्षा जैन, मोनी जैन, मिनी जैन, शिखा जैन, ममता जैन, आकांक्षा जैन, निधि जैन और साधना जैन सहित जैन समाज के अनेक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और क्षमावाणी पर्व मनाया।

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