संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता में भ्रम फैलाने से कांग्रेस को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
फर्रुखाबाद, ब्यूरो 28 सितंबर 2026। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री फतेहचंद वर्मा ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक द्वेष की भावना से विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक एवं संवैधानिक विषयों को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने से कांग्रेस की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। वर्ष 2014 के बाद से कांग्रेस लगातार केंद्र की सत्ता से बाहर है। ऐसे में कांग्रेस के नेताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी और संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाना उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लगातार जनादेश मिला। यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति उसके विश्वास को दर्शाता है। केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर जनता ने लगातार अपना समर्थन व्यक्त किया है।
श्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेता चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और उनकी जवाबदेही की मांग करने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी विषय पर तथ्यात्मक चर्चा के स्थान पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से लोकतांत्रिक विमर्श प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है। राजनीतिक विरोध के नाम पर लगाए जाने वाले आरोपों का जवाब पार्टी तथ्यों और लोकतांत्रिक तरीके से देने के लिए सदैव तत्पर है।


