लखनऊ। जमीन घोटाले से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा के तत्कालीन सचिव हरीश चंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। नियुक्ति विभाग की ओर से उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
हरीश चंद्र वर्तमान में कोलकाता में खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात थे। इससे पहले वह नोएडा में सचिव के पद पर कार्यरत रहे थे। जमीन से जुड़े मामले में जांच और कार्रवाई के बाद शासन स्तर से उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
नियुक्ति विभाग ने बर्खास्तगी संबंधी आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है। हालांकि, आदेश में मामले से जुड़े विस्तृत आरोप और जांच की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद ही कार्रवाई के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जमीन घोटाले से जुड़े इस प्रकरण में शासन की कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बर्खास्तगी के आदेश के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।
सरकार की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनियमितताओं के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही जाती रही है। हरीश चंद्र की बर्खास्तगी का आदेश इसी क्रम में सामने आया है।


