फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में सोमवार सुबह करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। बिजली न होने के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए परेशान होना पड़ा। सुबह करीब आठ बजे कर्मचारी अटेंडेंस लगाने के लिए इमरजेंसी पहुंचे तो वहां लगी बायोमेट्रिक मशीन बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण काम नहीं कर रही थी। इसके बाद कर्मचारियों ने मशीन को इमरजेंसी से हटाकर पर्चा काउंटर पर पहुंचाया, जहां बिजली की व्यवस्था होने के बाद कर्मचारियों ने अपनी अटेंडेंस दर्ज की।
डीएम के निर्देश के बाद लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की गई है। अस्पताल में अटेंडेंस के लिए दो बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। इनमें एक मशीन सीएमएस के कमरे में और दूसरी इमरजेंसी में स्थापित है। सोमवार सुबह बिजली संकट के चलते इमरजेंसी में लगी मशीन बंद हो गई। इससे निर्धारित समय पर अटेंडेंस लगाने पहुंचे कर्मचारियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
250 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की रोज लगती है अटेंडेंस
लोहिया अस्पताल में करीब 250 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत हैं। सभी को प्रतिदिन बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज करनी होती है। सुबह के समय अटेंडेंस लगाने के लिए कर्मचारियों की भीड़ जुटती है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में कर्मचारी मशीन के पास पहुंचे, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण बाद में मशीन को पर्चा काउंटर पर लगाया गया, जहां अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए भीड़ लग गई।
बिजली आने के बाद सामान्य हुई व्यवस्था
अस्पताल में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान कर्मचारियों को अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। करीब आठ बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर मशीनों के संचालन में सुधार हुआ और अटेंडेंस प्रक्रिया सामान्य हो सकी। अस्पताल में बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्था बाधित होने से मरीजों और तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं। खासकर इमरजेंसी में बिजली की निर्बाध व्यवस्था बेहद जरूरी है, ताकि उपचार और जरूरी उपकरणों के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए।


