फर्रुखाबाद। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के कलाखेल गांव में मिट्टी खनन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत ने जिले में चल रहे मिट्टी खनन के खेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि ईंट-भट्ठे के लिए मिट्टी निकालने की अनुमति निर्धारित गहराई तक ही थी, लेकिन मौके पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया। बारिश के बाद यही गड्ढा पानी से भर गया और हादसे में दो मासूमों की जान चली गई।
कटरा रहमत खान निवासी सूरज और मोनू रविवार को अन्य बच्चों के साथ गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। खेलते समय दोनों अचानक पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरे। साथ मौजूद बच्चों ने गांव पहुंचकर परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मिट्टी निकालने के लिए निर्धारित गहराई तक ही अनुमति थी तो आखिर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा कैसे खोद दिया गया। बारिश के मौसम में ऐसे गड्ढों में पानी भरने के बाद वे खुले जलाशय का रूप ले लेते हैं। आसपास खेल रहे बच्चों और ग्रामीणों के लिए ये गड्ढे जानलेवा खतरा बन जाते हैं।
सिर्फ कलाखेल नहीं, जिलेभर में जांच की जरूरत
कलाखेल की घटना सामने आने के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे मिट्टी खनन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर ईंट-भट्ठों के लिए मिट्टी निकालने के बाद गहरे गड्ढे छोड़ दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाता है और कई बार ये हादसों का कारण बन जाते हैं। ऐसे में सिर्फ हादसे के बाद जांच करने के बजाय खनन वाले सभी स्थानों की भौतिक जांच किए जाने की जरूरत है।
एसडीएम अभिषेक वर्मा ने मामले की जांच के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में टीम गठित की है। उन्होंने कहा है कि यदि निर्धारित मात्रा या गहराई से अधिक खनन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में ऐसे अन्य स्थानों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जिले में चल रहे मिट्टी खनन वाले सभी स्थानों की जांच कराएगा, या दो मासूमों की मौत के बाद हुई जांच सिर्फ इसी एक मामले तक सीमित रह जाएगी?


