फर्रुखाबाद। तेज बारिश के बीच नगर पालिका का नाला कट जाने से मोहल्ला कांशीराम कॉलोनी में हालात बिगड़ गए। नाला कटने के बाद तेज रफ्तार पानी कॉलोनी में घुस गया और देखते ही देखते मुख्य मार्ग समेत सभी गलियां करीब दो-दो फीट पानी में डूब गईं। जलस्तर बढ़ने के कारण 100 से अधिक घरों में पानी घुस गया। घरों में रखा सामान भी पानी की चपेट में आने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई परिवारों ने घरों से सामान निकालकर आसपास खाली पड़े आवासों में रखना शुरू कर दिया। कॉलोनी में रहने वाले पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जानवर करीब 36 घंटे से ठीक से बैठ तक नहीं पा रहे हैं। लोग गंदे पानी के बीच से निकलकर अपने घरों और पशुओं तक पहुंचने को मजबूर हैं।
नगर के पक्कापुल और नाला मछरट्टा क्षेत्र से आने वाला भूमिगत नाला नौलक्खा होते हुए कांशीराम कॉलोनी से होकर गुजरता है। बताया गया कि शहर से बाहर की ओर नाले का एक हिस्सा कच्चा है। शुक्रवार रात करीब दो बजे तेज बारिश के दौरान नाला खेतों की ओर से कट गया। नाला कटने के बाद पानी का तेज बहाव कांशीराम कॉलोनी की ओर पहुंच गया। पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कुछ ही घंटों में मुख्य मार्ग और कॉलोनी की गलियां जलमग्न हो गईं। शनिवार सुबह तक सड़कें पानी से लबालब थीं और दोपहर तक कई घरों के अंदर भी पानी पहुंच गया।
घर में पानी पहुंचने के बाद लोगों ने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू कर दिया। कई परिवारों ने आसपास खाली पड़े आवासों को अस्थायी रूप से सामान रखने के लिए इस्तेमाल किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें सामान बचाने का पर्याप्त समय तक नहीं मिला। घरों के अंदर पानी आने के कारण घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं को नुकसान पहुंचा है। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि बाढ़ के समय भी इतना पानी यहां नहीं आया था, जितना इस बार नाला कटने के बाद जमा हो गया है।
कांशीराम कॉलोनी में कई परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। जलभराव के कारण पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना बड़ी चुनौती बन गया है। पानी लंबे समय से जमा होने के कारण पशुओं के लिए सूखी जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जानवर करीब 36 घंटे से ठीक से बैठ नहीं पा रहे हैं। पशुपालकों को गंदे पानी के बीच से होकर पशुओं तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे पशुओं के चारे और देखभाल को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है।
कॉलोनी के आसपास स्थित खेत भी पानी से लबालब हो गए हैं। खेतों में खड़ी सब्जियों की फसल पानी में डूब गई है। इससे किसानों को भी नुकसान होने की आशंका है। तेज बारिश और नाले से आए पानी के कारण कॉलोनी के आसपास जलभराव का दायरा बढ़ता गया। देर रात तक जलस्तर बढ़ने की बात स्थानीय लोगों ने बताई।
जलभराव के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। घर से बाहर निकलने के लिए लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग और गलियां डूबे होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई घरों में पानी पहुंचने के बाद परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पशुपालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाले का शहर से बाहर का हिस्सा कच्चा होने के कारण तेज बारिश में उसके कटने की घटना सामने आई है। नाला कटने के बाद पानी के बहाव ने कांशीराम कॉलोनी में जलभराव की स्थिति को गंभीर बना दिया। स्थानीय लोगों के सामने अब सबसे बड़ी चिंता जलस्तर कम होने और पानी की निकासी की है। यदि बारिश दोबारा तेज होती है तो जलभराव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
नाला कटने से कांशीराम कॉलोनी में भीषण जलभराव, 100 से ज्यादा घरों में घुसा पानी


