नई दिल्ली: दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने बुराड़ी में बने अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (automated testing station) का उद्घाटन किया। यहां हर साल एक लाख वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग की जा सकेगी। बुराड़ी से पहले नंद नगरी और तेहखंड में ATS सुविधा मिल रहा है। इन तीनों के शुरू होने से दिल्ली की कुल ऑटोमेटेड गाड़ी टेस्टिंग क्षमता सालाना 2.5 लाख 2.75 लाख तक हो गई है। इस मौके पर सीएम ने कहा कि साफ हवा और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ियों की फिटनेस जरूरी है। यह सुविधा दिल्ली की गाड़ी की फिटनेस टेस्टिंग सिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।
बुराड़ी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) उद्घाटन पी फोटो सोशल मीडिया एक्स पर शेयर करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा- सेवा संकल्प अभियान के तहत आज बुराड़ी में प्रतिवर्ष 90,000 वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग क्षमता वाले अत्याधुनिक Automated Testing Station का उद्घाटन किया। 3 सितंबर को तेहखंड और आज बुराड़ी। महज 23 दिनों में दिल्ली को दूसरा Automated Testing Station मिला है।
यही हमारी सरकार की काम करने की गति है। सही Fitness, सटीक Testing और बेहतर Monitoring से सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों को भी नई ताकत मिलेगी। इस अवसर पर सांसद श्री मनोज तिवारी जी, कैबिनेट सहयोगी डॉ. पंकज कुमार सिंह जी सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
बता दें कि बुराड़ी में बने पांच-लेन वाले ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में हर साल एक लाख गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग करने की क्षमता है। बुराड़ी ATS हर साल 40000 भारी वाहनों और 60000 हल्के वाहनों की टेस्टिंग कर सकेगा। पांच-लेन वाली यह सुविधा गाड़ी की फिटनेस टेस्टिंग को वैज्ञानिक, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। फिटनेस टेस्टिंग पूरी तरह से ऑटोमेटेड प्रोसेस के जरिए की जाएगी। इसमें ब्रेकिंग क्षमता, सस्पेंशन परफॉर्मेंस, हेडलाइट की हालत, साइड-स्लिप, एमिशन लेवल और गाड़ियों के निचले हिस्से जैसे पैरामीटर शामिल होंगे।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि प्रदूषण किसी एक सीमा तक सीमित नहीं रहता। दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता कई इलाकों से प्रभावित होती है। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी ठोस कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग को आधुनिक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सेंटर्स को भी ज्यादा असरदार और भरोसेमंद बनाया जाएगा। वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों को दिल्ली में 1 अक्टूबर से लागू किया जाएगा।


