लखनऊ। राजधानी में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मानसून सीजन में अब तक लखनऊ में 846.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 675.7 मिलीमीटर रहती है। इस तरह इस सीजन में अब तक सामान्य से करीब 25 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव है और सड़कों के धंसने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
26 सितंबर को लखनऊ में एक दिन में 135.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं 25 सितंबर को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर की इस तारीख के लिए पिछले 19 वर्षों में सबसे कम तापमान बताया गया है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 8 डिग्री कम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
बारिश का असर शहर के कई हिस्सों में साफ दिखाई दिया। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास अंडरपास में पानी भरने से 50 से ज्यादा वाहन खराब हो गए। ताज अंडरपास से जनेश्वर मिश्र पार्क जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर वाहनों का आवागमन रोक दिया। नगर निगम ने पानी निकालने के लिए पंप लगाए हैं। इकाना स्टेडियम के पास निर्माणाधीन सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा धंस गया, जबकि रफे आम क्लब के सामने भी सड़क धंसने से यातायात प्रभावित हुआ।
लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण शहर में कई पेड़ और बिजली के तार गिर गए। मलिहाबाद-मोहन रोड पर भारी पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। डालीगंज में सिटी स्टेशन की दीवार गिरने से दो कार और दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वृंदावन पावर हाउस में पानी भरने के कारण सप्लाई बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
बारिश का असर ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ा है। बीकेटी क्षेत्र में धान और केले की फसलें तेज हवाओं के कारण खेतों में गिर गईं। पकी फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मलिहाबाद के आम के बागों में भी पानी भर गया है। वहीं बीकेटी के भौली गांव में मकान गिरने से मलबे में दबकर किसान की मौत हो गई।
शहर के आशियाना, खुर्रमनगर, अबरार नगर और अहिमामऊ समेत कई इलाकों में घरों, दुकानों और सड़कों पर पानी भरा हुआ है। आशियाना के सेक्टर-ई में करीब 200 परिवार प्रभावित बताए गए हैं। अबरार नगर में दुकानों के अंदर पानी घुस गया, जबकि खजाना मार्केट में भी जलभराव के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है।
पुलिस हेडक्वार्टर के पीछे बाढ़ प्रभावित इलाके में एसडीआरएफ ने 13 लोगों, एक नवजात शिशु और एक कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने और प्रभावित रास्तों को सुरक्षित करने में जुटी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब कमजोर पड़ चुका है। 28 सितंबर से प्रदेश में छिटपुट बारिश होने की संभावना है और अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रह सकती है।


