– पत्नी दिव्या और बहन तूलिका की हत्या के बाद आत्महत्या करने वाले बैंक अधिकारी मानस पर मुकदमा
– असलहा उपलब्ध कराने वाले की तलाश
लखनऊ। गोमतीनगर के चर्चित पत्रकारपुरम दोहरे हत्याकांड में करीब एक माह बाद नया मोड़ आया है। पत्नी दिव्या मिश्रा और अपनी बहन तूलिका की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले बैंक अधिकारी मानस वाजपेयी के खिलाफ अब हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्र की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना 20 अगस्त 2026 की है। पुलिस के मुताबिक, मानस ने पहले गोमतीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर अपनी पत्नी दिव्या की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन तूलिका को गोली मार दी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद तत्काल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। अब दिव्या के पिता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मानस को नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दिव्या की बहन की ओर से 26 अगस्त को स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत भेजे जाने की बात कही गई थी।
हालांकि, मानस की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों अथवा साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस जांच का एक अहम बिंदु हथियार भी है। घटना के बाद मानस और उसकी बहन के शव के पास दो पिस्तौल और एक तमंचा बरामद होने की बात सामने आई थी। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि मानस को असलहा किसने उपलब्ध कराया था। पुलिस कथित तौर पर हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की तलाश में जुटी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या की वारदात में मानस के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। मानस की कॉल डिटेल और घटना से पहले उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। पूर्व में सामने आई जांच संबंधी रिपोर्टों में ऐसे व्यक्ति की भूमिका की आशंका जताई गई थी, जिसने कथित तौर पर दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी मानस तक पहुंचाई हो। हालांकि, इस भूमिका की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच से ही होगी।
घटना वाले दिन मानस को ऑटो से बैंक तक ले जाने वाले चालक से भी पुलिस दोबारा पूछताछ कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मानस ने दिव्या की हत्या के बाद ऑटो चालक को वापस हुसड़िया चौराहे की ओर चलने के लिए कहा था। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां दूसरी वारदात हुई।
अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस हथियार की उपलब्धता, संभावित मददगारों, कॉल डिटेल और घटना से पहले की गतिविधियों को जोड़कर पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।


