आगरा। फतेहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा का गुरुवार देर शाम निधन हो गया। 73 वर्षीय विधायक ने नोएडा के यथार्थ अस्पताल में रात करीब 8:30 बजे अंतिम सांस ली। बताया गया कि वे पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे और दो दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आगरा के उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गुरुवार को हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया। एंबुलेंस से दिल्ली ले जाते समय रास्ते में उनकी हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधायक के बेटे महेंद्र वर्मा के अनुसार डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
7 जुलाई 1953 को आगरा में जन्मे छोटेलाल वर्मा राजनीति के साथ खेती और पेट्रोल पंप व्यवसाय से भी जुड़े रहे। वे मल्लाह (निषाद) समाज से आते थे और फतेहाबाद क्षेत्र में पिछड़े तथा कमजोर वर्गों के बीच उनकी राजनीतिक पकड़ बताई जाती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आगरा सांसद राजकुमार चाहर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
छोटेलाल वर्मा ने 1993 में भाजपा से राजनीतिक सफर शुरू किया और 2002 में दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने। 2007 में भाजपा से टिकट कटने के बाद उन्होंने सपा का दामन थामा और चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2012 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में लौटे और फतेहाबाद से चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए।
छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की सात सीटें रिक्त हो गई हैं। इनमें सपा की तीन, भाजपा की तीन और बसपा की एक सीट शामिल है। विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में छह महीने से कम समय बचने के कारण इन रिक्त सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया जाएगा।


