इस बार लोधी बनाम योगी की लड़ाई; भाजपा पर बरसे, चुनाव आयोग और सरकार पर भी उठाए सवाल
रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से अपनी पीडीए रथयात्रा की शुरुआत कर 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभियान का आगाज किया। लखनऊ के निगोहा से रथ पर सवार होकर रायबरेली पहुंचे अखिलेश ने जनसभा में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीडीए की लहर चल रही है और रायबरेली में मुकाबला पीडीए बनाम भाजपा के साथ-साथ ‘लोधी बनाम योगी’ भी हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार जनता के वोट का बुलडोजर भाजपा पर चलेगा और नकारात्मक राजनीति करने वालों को सत्ता से हटाने का काम होगा। उन्होंने खुद को पीड़ित और कमजोर वर्गों के साथ खड़ा बताते हुए आरक्षण, संविधान और सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में भेदभाव किया जा रहा है और कहा कि उनकी लड़ाई संविधान व लोकतंत्र को बचाने की है।
जनसभा में अखिलेश ने चुनाव आयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आयोग पर कठपुतली की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की। इससे पहले भी वह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा चुके हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग बिंदुओं पर आधिकारिक जवाब का संदर्भ भी महत्वपूर्ण रहेगा।
रायबरेली को रथयात्रा की शुरुआत के लिए चुनने के पीछे जिले की राजनीतिक स्थिति भी चर्चा में रही। यह लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है और जिले की पांच विधानसभा सीटों में फिलहाल समाजवादी पार्टी के तीन विधायक हैं। अखिलेश का दौरा हाल में सपा छात्रसभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद हुआ है। उन्होंने सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की।
रथयात्रा के दौरान अखिलेश ने बछरावां के पिपलेश्वर हनुमान मंदिर में दर्शन किए और कार्यकर्ताओं से मिली गदा हाथ में लेकर लहराई। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता रथ के साथ चलते रहे। भारी बारिश के बावजूद जनसभा स्थल पर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। यात्रा के दौरान शहर में यातायात भी प्रभावित हुआ।
पीडीए रथ को विशेष रूप से तैयार किया गया है और पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन तथा जमीनी संपर्क अभियान के प्रमुख माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। रथ पर सामाजिक न्याय और पीडीए से जुड़े संदेशों के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित समाज सुधारकों की तस्वीरें लगाई गई हैं। भाजपा नेताओं की ओर से भी यात्रा को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं और अखिलेश के अभियान पर सवाल उठाए गए।


