तहसीलदार शशांक सिंह को सौंपा ज्ञापन, कहा—कार्यालयी पटल छोड़ करेंगे अपने मूल फील्ड कार्य
अमृतपुर
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर तहसील अमृतपुर में लेखपालों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संघ के निर्देश पर लेखपालों ने कार्यालय के पटल संबंधी कार्यों से खुद को अलग रखने का निर्णय लेते हुए तहसीलदार शशांक सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने स्पष्ट किया कि वे कार्यालयी पटलों से जुड़े कार्यों से दूर रहकर अपने मूल दायित्व के तहत क्षेत्र में होने वाले आवश्यक फील्ड कार्यों का निर्वहन करेंगे।
तहसील अमृतपुर में लेखपाल निधि गुप्ता, पिंकी गौतम, महावीर श्रीवास्तव, मो. आबिद और रनवीर सिंह ने तहसीलदार शशांक सिंह को ज्ञापन सौंपकर पटल के कार्यों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया। लेखपालों का कहना है कि प्रदेश संगठन के निर्देश के क्रम में यह निर्णय लिया गया है। हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर जनता से जुड़े आवश्यक कार्यों और फील्ड ड्यूटी को जारी रखने की बात भी लेखपालों ने कही है।
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड पे लागू करना, वाहन भत्ते में बढ़ोतरी, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, पदनाम में बदलाव, लेखपालों के पदों में बढ़ोतरी, हल्कों का पुनर्निर्धारण, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करना तथा अंतरमंडलीय स्थानांतरण की व्यवस्था खोलना शामिल है।
लेखपालों का कहना है कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं। संघ द्वारा इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अमृतपुर तहसील में भी लेखपालों ने कार्यालयी पटलों से संबंधित कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया है।
लेखपालों ने अपने ज्ञापन में साफ किया कि वे कार्यालयी पटल के कार्यों से दूरी बनाए रखेंगे, लेकिन क्षेत्र में होने वाले जरूरी फील्ड कार्यों से पीछे नहीं हटेंगे। इससे राजस्व विभाग के कार्यालयी कार्यों और तहसील स्तर की व्यवस्था पर इसका असर पड़ने की संभावना है।लेखपालों के सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने के बाद तहसील परिसर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें शासन और विभागीय स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। लेखपाल संघ की मांगों पर शासन क्या रुख अपनाता है और तहसील स्तर पर पटल संबंधी कार्यों की व्यवस्था किस प्रकार संचालित की जाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।


