– एसएन साध ट्रस्ट के शिविर में जरूरतमंदों को निःशुल्क वितरित किए गए कृत्रिम अंग
– व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल व कान की मशीनें
फर्रुखाबाद। एस.एन. साध ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित तीन दिवसीय दिव्यांग सहायता शिविर का गुरुवार को समापन हो गया। शिविर के अंतिम दिन भी दिव्यांगजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। अंतिम दिन 145 दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। शिविर में जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों ने ट्रस्ट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रत्येक वर्ष इस शिविर का इंतजार करते हैं। उनके मुताबिक शिविर में उन्हें अपनत्व का अनुभव होता है और उनकी समस्या को समझते हुए मौके पर ही आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इसी कारण शिविर के प्रति लोगों में विश्वास और जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है।
शिविर में विशेष रूप से कान संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की जांच के लिए ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनु ने परीक्षण किया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार कान की मशीन और दवाएं लिखी गईं, जिन्हें ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
जयपुर से आई विशेष टीम के सदस्यों ने भी दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर में कृत्रिम अंग और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
शिविर की व्यवस्थाओं को राकेश साध, चमकेश साध, प्रिया साध, रितेश साध, राहुल साध, गुंजा जैन और रोहित गर्ग ने संभाला। वहीं इस सेवा कार्य में उदय पाल, सुजीत वर्मा, विजय, नितिन, राहुल, प्रभात, नरेश, जगदीश, रॉबिन साध, शेखर साध सहित जयपुर से आई पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा।


