41 जिलों में अलर्ट, कल से पश्चिमी यूपी में बदलेगा मौसम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तीन दिन के अंतराल के बाद एक बार फिर मानसूनी बारिश ने दस्तक दी है। बुधवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। घने बादलों और तेज बारिश के चलते कई शहरों में दिन में ही अंधेरा छा गया। सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 41 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास बने मौसमीय सिस्टम के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले एक-दो दिन में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत हैं। गुरुवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट ले सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 27-28 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में रिमझिम से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
लखनऊ में गोमतीनगर, पारा, रहीमाबाद और सरोजनीनगर समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई। कानपुर में सुबह अचानक बदले मौसम के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। फतेहपुर में मंगलवार शाम से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। उन्नाव में भी बारिश के बाद शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
बारिश के साथ प्रदेश के कई इलाकों में नदी और बांधों का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। ललितपुर में गोविंद सागर बांध ओवरफ्लो होने के बाद आठ गेट दो-दो फीट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे शहजाद बांध और नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। सीतापुर में चौका नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में पानी भर गया है और धान की फसल प्रभावित हुई है। उन्नाव में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद कई रिहायशी इलाकों में पानी और कीचड़ की समस्या बनी हुई है।
बिजनौर में बारिश के बीच वन क्षेत्र से निकलकर गुलदार के आबादी के करीब पहुंचने की घटना सामने आई है। नगीना-बढ़ापुर मार्ग पर मंगलवार देर रात एक गुलदार सड़क पार करता दिखाई दिया। राहगीरों ने वाहन रोककर उसका वीडियो बनाया। आबादी के नजदीक वन्यजीव की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में दहशत है।
इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 14 जिलों में बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं पहुंच सकी है। देवरिया, कुशीनगर, शामली, गाजियाबाद और कानपुर देहात में बारिश की कमी अधिक बताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की जल्द विदाई और बदलते मौसमी सिस्टम का असर आने वाले दिनों में बारिश के वितरण पर पड़ सकता है।


