लखनऊ
महानगर स्थित पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल सीतापुर निवासी योगेंद्र सिंह (25) की 15 सितंबर को मौत हो गई थी। पुलिस ने परिजनों को बताया था कि दौड़ के दौरान योगेंद्र अचानक गिर गया था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, योगेंद्र की मौत गले में 250 एमएम की प्लास्टिक बोतल फंसने से हुई। इसके अलावा उसके शरीर पर चोट के 12 निशान भी मिले हैं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
योगेंद्र सीतापुर के रामकोट क्षेत्र के मढ़िया रहीमपुर गांव का रहने वाला था। उसने होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा पास की थी और 14 सितंबर को दौड़ में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचा था। वह एक दोस्त के घर रुका था। अगले दिन 35वीं वाहिनी पीएसी ग्राउंड में दौड़ के दौरान उसकी मौत की सूचना मिली। शुरुआत में पुलिस ने इसे दौड़ के दौरान हुई मौत बताया था।
योगेंद्र के भाई कमल किशोर के मुताबिक, वह पांच भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था और पढ़ाई में काफी होनहार था। उसने 12वीं में जिला स्तर पर टॉप किया था। इसके बाद ग्रेजुएशन कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। परिवार के अनुसार, योगेंद्र ने 2024 में यूपीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी और आगे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।


