गेटपास जारी होने के बाद भी सबस्टेशन नहीं पहुंचे
पांच हाई लाइनलॉस फीडरों की जांच के आदेश
फर्रुखाबाद। बिजली विभाग में स्टोर से चार कंट्रोल पैनल गायब होने का मामला सामने आने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। राजस्व वसूली बढ़ाने और लाइनलॉस कम करने को लेकर मुख्य अभियंता राहुल नंदा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसी दौरान स्टोर से पैनल गायब होने का मामला सामने आया। मुख्य अभियंता ने पूरे प्रकरण की जानकारी लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के अधिक लाइनलॉस वाले पांच फीडरों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में नवनिर्मित जसमई सबस्टेशन के लिए 33 केवी कंट्रोल पैनल की जरूरत सामने आने पर स्टोर से जानकारी की गई। जांच में पता चला कि संबंधित पैनल का गेटपास पहले ही काटा जा चुका था, लेकिन पैनल जसमई सबस्टेशन तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद स्टोर के अभिलेखों की पड़ताल में चार कंट्रोल पैनल के गायब होने का मामला सामने आया।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अलग-अलग कार्यों से जुड़े दो ठेकेदारों के कंट्रोल पैनल एक ही ठेकेदार के नाम पर गेटपास काटकर जारी किए गए थे। बताया गया कि ये कंट्रोल पैनल अक्टूबर 2025 में कानपुर की एक फर्म को दिए गए थे, जबकि उनके गेटपास फर्रुखाबाद की फर्म के नाम पर काटे गए। इस मामले में मुख्य अभियंता ने स्टोर से संबंधित रिकॉर्ड और पैनलों के निर्गमन की प्रक्रिया की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में शहर के पांच ऐसे फीडरों को भी चिन्हित किया गया, जहां लाइनलॉस अधिक है। मुख्य अभियंता ने संबंधित अवर अभियंताओं को फीडरों की जांच कर लाइनलॉस के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
बैठक में विभाग की राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा हुई। कम वसूली पर अधिकारियों को 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर उनसे सख्ती से वसूली कराने और बकाया जमा न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।


