लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति, पीडीए और सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल उठाए। उनके बयान में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आरक्षित सीटों पर पार्टी की रणनीति का भी उल्लेख रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जिन आरक्षित सीटों पर समाजवादी पार्टी अब तक जीत हासिल नहीं कर सकी है, वहां इस बार रिकॉर्ड सीटें जीतने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में जुटने की बात कही।
उन्होंने पीडीए ऑडिट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक जितने भी पीडीए ऑडिट किए गए हैं, सरकार ने उनमें से किसी का भी एक पन्ने का जवाब नहीं दिया। पीडीए से आशय पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की राजनीति में पीडीए मुद्दा प्रमुख रूप से सामने रहा है।
अखिलेश यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रतिमाओं को जानबूझकर तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के हाथ में संविधान की किताब होने के कारण सबसे पहले उसी हिस्से को तोड़ा जाता है।
उन्होंने सरकारी कामकाज में आउटसोर्सिंग को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। अखिलेश ने कहा कि बजट से कमीशन लेना आसान नहीं है, इसलिए आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से सीधे कमीशन लिया जाता है। यह आरोप अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए हैं; इसके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण उन्होंने इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया।
अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर भी अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का संदर्भ देते हुए कहा,“अमेरिका ने क्या रिटर्न गिफ्ट दिया आपको, 100 परसेंट टैरिफ का गिफ्ट दिया जन्मदिन के दिन।”
सपा प्रमुख के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक सपा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से प्रस्तावित पीडीए रथ यात्रा के जरिए प्रदेशव्यापी अभियान की तैयारी कर रही है।


