– हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य
– पेपर लीक, महंगाई, किसानों और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। रविवार को लखनऊ में पार्टी की बैठक के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और पार्टी की आगामी रणनीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तकनीक के इस्तेमाल के साथ घर-घर संपर्क बढ़ाने और लोगों की समस्याओं को समझने की अपील की।
उनके अनुसार पार्टी का प्रयास संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संवाद बढ़ाने का होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनके अनुसार भाजपा सरकार के करीब दस साल के कार्यकाल में समाज का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने महंगाई, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलने में परेशानी हो रही है।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक उत्तर प्रदेश में हुए हैं। उन्होंने भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं की समस्याओं का मुद्दा उठाया।
उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर जवाब मांगा।
अखिलेश यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने के मामलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में डॉ. आंबेडकर की 151 प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया और इनमें केवल 14 मामलों में गिरफ्तारी हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, सपा द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में 151 मामलों में 45 में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे और आठ मामलों में नामजद प्राथमिकी दर्ज होने का दावा किया गया है, जबकि 84 मामलों में कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है। ये आंकड़े सपा द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र सरकारी आंकड़ों के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर संविधान और गरीबों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि महंगाई का सीधा असर गरीब, मध्यम वर्ग और किसानों पर पड़ रहा है।


