सीता स्वयंवर और सिंदूरी लीला की मनमोहक झांकियों से देर रात तक डंटे श्रद्धालु
कमालगंज। नगर में चल रहे गणेश महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार की रात भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर रही। भव्य पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, वैसे-वैसे पंडाल में श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। भगवान गणेश के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महोत्सव के दौरान आचार्यों की टीम ने यजमानों के साथ मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश का विधिवत पूजन-अर्चन कराया। इसके बाद पांच संगीतमय आरतियां हुईं। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। जयघोष से पूरा पंडाल गूंजता रहा और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
आरती के बाद सांस्कृतिक एवं धार्मिक झांकियों का सिलसिला शुरू हुआ। भगवान राम और माता सीता के प्रसंग पर आधारित सीता स्वयंवर की झांकी ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। भजनों के बीच सजी झांकी में कलाकारों की प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद सिंदूरी लीला की प्रस्तुति हुई, जिसने भी पंडाल में मौजूद लोगों को खूब आकर्षित किया। धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
इसके बाद पागल बाबा की झांकी प्रस्तुत की गई। भक्ति गीतों की प्रस्तुति के बीच कई श्रद्धालु भावुक नजर आए। विशेषकर माताएं भक्ति में लीन होकर झांकी का आनंद लेती रहीं। झांकियों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक पंडाल में जमी रही। आयोजकों की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।
गणेश महोत्सव के पूजन कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष राजबेटी शंखवार, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शीलचंद राजपूत, समाजवादी पार्टी की उर्मिला राजपूत, बिल्लू श्रीवास्तव और विक्की कटियार समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। आयोजन स्थल पर 36 से अधिक स्वयंसेवकों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि 24 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। अमृतपुर सीओ राजेश कुमार द्विवेदी और कमालगंज थाना प्रभारी राम सहाय सिंह मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की व्यवस्थाओं पर नजर रखते रहे। देर रात तक चले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जयकारों के साथ महोत्सव का आनंद लिया।


