फर्रुखाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शुक्रवार को ग्राम पिपरगांव में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ शासन की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव बिन्दिया भटनागर ने किया। उन्होंने ग्रामीणों को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बुजुर्गों के भरण-पोषण, कल्याण और कानूनी संरक्षण के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विधिक सहायता लेने की अपील की।
इस दौरान ग्रामीणों को मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि छोटे-मोटे विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया में जाए सुलझाया जा सकता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा आपसी संबंध भी बनाए रखने में मदद मिलती है।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत तथा अन्य विधिक योजनाओं के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि जरूरतमंद व्यक्ति विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है।
कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने शिविर में दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और अपने कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न योजनाओं से संबंधित सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ ही अन्य लोगों को भी उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करें।
पिपरगांव में विधिक जागरूकता शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को बताए कानूनी अधिकार


