मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित किसान-मजदूर रात्रि महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “पहलवान की खुराक बादाम, भाजपा की खुराक मस्जिद”। टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार हिंदू-मुस्लिम के नाम पर चुनाव लड़ती है।
महापंचायत में किसानों की समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानमंत्री के नाम 15 सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए किसानों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, बिजली की व्यवस्था में राहत, फसलों के लाभकारी दाम और खाद की पर्याप्त उपलब्धता की मांग की। वहीं भूमि अधिग्रहण के सर्किल रेट बढ़ाने तथा किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान खींचा गया।
गन्ना किसानों का मुद्दा भी महापंचायत में प्रमुखता से छाया रहा। भाकियू की ओर से नए पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराने, डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसानों की ऋण संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग भी रखी गई।
राकेश टिकैत ने किसानों के संगठन और आंदोलन को लेकर भी सरकार को संदेश दिया। उन्होंने किसानों के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही और कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी किसान और मजदूर पहुंचे। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी की थी।
महापंचायत में किसानों ने फसल के उचित मूल्य, बिजली, खाद, कृषि ऋण, बाढ़ और आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान जैसे मुद्दे भी उठाए। भाकियू नेताओं ने किसानों से संगठित होकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।


