25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा आयोजन, ग्लोबल ट्रेड विजन को मिलेगी नई उड़ान
45 हजार से अधिक घरेलू खरीदारों ने कराया पंजीकरण, जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया होंगे कंट्री पार्टनर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख वैश्विक व्यापार आयोजनों में शामिल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। ट्रेड शो को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस आयोजन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्योगों, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।
आयोजकों के अनुसार ट्रेड शो के चौथे संस्करण में घरेलू खरीदारों की भागीदारी को लेकर खासा उत्साह है। अब तक 45 हजार से अधिक घरेलू खरीदारों का पंजीकरण हो चुका है। इससे आयोजन में व्यापारिक गतिविधियों और कारोबारी संवाद के व्यापक स्तर पर होने की संभावना है।
इस बार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया को कंट्री पार्टनर के रूप में जोड़ा गया है। इन देशों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
ट्रेड शो के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने, निर्यात को बढ़ावा देने और प्रदेश में निवेश के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों और उद्यमों को प्रदर्शित किया जाएगा। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा।
आयोजन में खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधे कारोबारी संपर्क, उत्पाद प्रदर्शन तथा व्यापारिक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को नए बाजार तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।
25 से 29 सितंबर तक चलने वाले ट्रेड शो में देश के विभिन्न हिस्सों से खरीदारों, व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के पहुंचने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के चलते उत्तर प्रदेश के उत्पादों को विदेशी बाजार में पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण को प्रदेश के ‘ग्लोबल ट्रेड विजन’ को नई गति देने वाले प्रमुख आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश को निवेश, व्यापार और निर्यात के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा।


