रामनगर। सरयू नदी ने करीब चौबीस साल बाद हेतमापुर में एक बार फिर उसी तरह कटान का कहर बरपाया है जो उसने दो हजार 2002 के आसपास किया था। उस समय भी हेतमापुर में एक बहुत पुराना हनुमान मंदिर था जो कटान के तमाम उपाय के बाद भी कट गया था।कटान रोकने के उपाय फेल साबित हुए थे। नदी पीछे हटने का नाम नहीं ले रही थी।ग्रामीणों के अनुसार उस समय टेलीफोन एक्सचेंज की मशीनरी तक हटानी पड़ी थी। बाद में टेलीफोन भवन के पास नदी का रुख थमा और उससे कटान कुछ हद तक रुकी। उस समय तैनात जेई वी पी सिंह ने कटान रोकने के बाद नया हनुमान मंदिर बनवाया था। करीब 24 साल बाद इस बार वह मंदिर सरयू की कटान में समा गया। इसके साथ ही टेलीफोन एक्सचेंज का भवन भी नदी की तेज धारा में ढह गया।
बताया जाता है कि उस समय भी कटान रोकने के लिए बड़ी मात्रा में बोल्डर डाले गए थे और नदी को रोकने के लिए लगातार बचाव कार्य किए गए थे। इस बार भी प्रशासन और बाढ़ कार्य खंड की ओर से बोल्डर डालकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही है। खास बात यह है कि सरयू नदी कटान करते-करते बिल्कुल बाबा नारायण दास मंदिर के नजदीक पहुंचकर रुकी है।ग्रामीणों को फिर इतिहास दोहराने की याद आ रही है ।इस बार हुई कटान से बीते 24 साल की यादें फिर ताजा हो उठी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय भी नदी इसी तरह मंदिर के आसपास पहुंचकर रुकी थी और इस बार भी नदी बाबा नारायण दास मंदिर के बेहद करीब आकर ठहरी है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि सरयू नदी ने एक बार फिर इतिहास दोहरा दिया है। उस समय की यादों को ताजा करते पूर्व भाजपा विधायक राज लक्ष्मी वर्मा बताती है कि कटान के रौद्र रूप को देख कर उन्होंने सरकार से लड़कर डेढ़ करोड़ मंजूर कराए थे लेकिन सत्ता जाते ही सपा सरकार ने उसे रद्द कर दिया था।उस समय यदि कार्य हुआ होता तो केदारीपुर,हेतमापुर गांव से नदी दूर होती और आज जैसी स्थित न होती।
चौबीस साल बाद हेतमापुर में फिर दोहराया गया इतिहास, हनुमान मंदिर और टेलीफोन एक्सचेंज कटान की भेंट चढ़े


