बिना पूर्व सूचना नौकरी से हटाने का आरोप, एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगा जवाब
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में लंबे समय से तैनात एक सुरक्षाकर्मी को बिना पूर्व सूचना नौकरी से हटाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 8-9 वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे सुरक्षाकर्मी को अचानक हटा दिया गया।
मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने सुरक्षाकर्मी को बिना नोटिस या पूर्व सूचना के हटाए जाने को गलत बताते हुए इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
एनएसयूआई नेता आर्यन मिश्रा ने कहा कि वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहे कर्मचारी को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटाना उचित नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षाकर्मी के साथ न्याय किए जाने की मांग की।
एनएसयूआई का कहना है कि किसी कर्मचारी को हटाने से पहले नियमानुसार प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि सुरक्षाकर्मी के काम को लेकर कोई शिकायत या अनुशासनात्मक मामला था तो उसे पहले नोटिस देकर पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।
मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में भी चर्चा तेज हो गई है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि यदि सुरक्षाकर्मी को बिना उचित प्रक्रिया के हटाया गया है तो संगठन इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष आवाज उठाएगा।
फिलहाल सुरक्षाकर्मी को हटाए जाने के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से क्या कारण बताए गए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।


