ससुर के इशारे पर चल रहे, बीमारी की झूठी खबर फैलाने की साजिश
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ पर तीखा हमला बोला। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं और अपने ससुर के कहे में चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल में आकाश आनंद ने पार्टी के एक प्रभारी आलोक कुमार को फोन कर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली थी और बातचीत का जिक्र मायावती से न करने को कहा था।
मायावती ने कहा कि आकाश की इस बातचीत के पीछे की मंशा सही भी हो सकती है और गलत भी, लेकिन इससे यह स्पष्ट है कि वह अभी अपने स्तर पर राजनीतिक फैसले लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारियों से आकाश आनंद को मुक्त करने का फैसला इसी राजनीतिक अपरिपक्वता के चलते लिया गया था। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी से निकाले गए कुछ लोग उनकी बीमारी को लेकर झूठी खबरें फैलाकर साजिश कर रहे हैं।
बसपा प्रमुख ने हाल में किए गए संगठनात्मक बदलावों का बचाव करते हुए कहा कि मुख्य सेक्टर प्रभारी समेत कई पदों को समाप्त करने के फैसले से पार्टी और आंदोलन को फायदा हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के अधूरे कारवां को आगे बढ़ाने तथा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मायावती ने दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सराहना की। उन्होंने यूक्रेन और ईरान संकट के बीच जारी दिल्ली घोषणा पत्र को भारत की कूटनीतिक सूझबूझ का परिणाम बताया। चीन के साथ सीमा विवाद जल्द सुलझाने की जरूरत बताते हुए उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ कार्रवाई और स्वतंत्र फिलिस्तीन के समर्थन का भी स्वागत किया।
मायावती ने लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे करीब 58 हजार पंचायत सहायकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने और संविदा व्यवस्था के बजाय स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों की मांगों पर प्रदेश सरकार को सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।


