– यूपी टेन योजना से गंभीर मरीजों को शुरुआती 48 घंटे तक निःशुल्क उपचार का लाभ देने की तैयारी
– समय पर इलाज से बचाई जा सकेगी जान
लखनऊ। सड़क हादसे, गंभीर चोट या अचानक उत्पन्न हुई आपात स्थिति में समय पर इलाज मिलना जीवन बचाने के लिए सबसे अहम होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की यूपी टेन योजना को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। योजना के तहत पात्र मरीजों को आपात स्थिति में शुरुआती 48 घंटे तक निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
योजना का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य वह समय है, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी के बाद शुरुआती समय में यदि मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर आवश्यक उपचार मिल जाए तो उसकी जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे में आर्थिक तंगी के कारण इलाज में देरी न हो, इसके लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था अहम साबित हो सकती है।
आपात स्थिति में परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के साथ इलाज के खर्च की होती है। कई बार आर्थिक संसाधन जुटाने में लगने वाला समय मरीज की स्थिति को और गंभीर कर देता है। 48 घंटे तक निःशुल्क आपातकालीन इलाज की व्यवस्था शुरुआती संकट में परिवारों को बड़ी राहत दे सकती है।
प्रदेश के जिलों में इस तरह की सुविधा का प्रभाव विशेष रूप से उन मरीजों पर पड़ सकता है, जिन्हें गंभीर हालत में तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। मिर्जापुर समेत पूर्वांचल के जिलों में भी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार की किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका लाभ अस्पतालों में मरीजों को कितनी तेजी और पारदर्शिता से मिलता है। इसके लिए अस्पतालों में चिकित्सकों, दवाओं, जांच सुविधाओं और आपातकालीन उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी होगा।
साथ ही आम लोगों को योजना की पात्रता और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में परिजन समय गंवाए बिना इसका लाभ उठा सकें।


