भूमि विभाजन, ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र और भूमि अभिलेखों से जुड़ी सेवाओं में आएगी पारदर्शिता
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राजस्व व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुगम बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में तीन नए डिजिटल पोर्टल शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से भूमि विभाजन, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण-पत्र और भूमि अभिलेखों से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाइन और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा।
नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए अनावश्यक दौड़-भाग से राहत देना और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। डिजिटल माध्यम से सेवाएं उपलब्ध होने से आवेदन और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
नए पोर्टलों के माध्यम से भूमि विभाजन और भूमि अभिलेखों से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल स्वरूप देने पर जोर दिया गया है। इससे लोगों को अपनी भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
वहीं, ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र से संबंधित प्रक्रिया भी डिजिटल व्यवस्था से अधिक सुगम होने की उम्मीद है। ऑनलाइन प्रणाली से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही को गति देने में मदद मिलेगी।
राजस्व विभाग की सेवाओं को डिजिटल किए जाने से अभिलेखों और आवेदनों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें नागरिकों को सुविधाजनक, समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हों।
तीनों डिजिटल पोर्टलों के जरिए राजस्व व्यवस्था में तकनीक का उपयोग बढ़ेगा और आम नागरिकों के लिए भूमि तथा प्रमाण-पत्र संबंधी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम बनाने की दिशा में काम होगा।


