सीयूजी नंबर पर कई बार फोन के बाद भी नहीं हुई बात, प्रभावित ग्रामीण तहसीलदार से लगा रहे गुहार
रामनगर (बाराबंकी)।
सरयू नदी की बाढ़ और कटान से जूझ रहे रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आपदा के बीच अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीण अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, लेकिन एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बाढ़ और कटान प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को जलभराव, आवागमन और कटान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रभावित लोग तत्काल मदद और राहत की उम्मीद में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। एसडीएम से बात नहीं होने पर ग्रामीण तहसीलदार को फोन कर अपनी समस्याएं बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल संपर्क होना बेहद जरूरी है। किसी गांव में अचानक स्थिति बिगड़ने पर यदि अधिकारी से फोन पर बात न हो सके तो ग्रामीणों के सामने अपनी समस्या बताने और मदद मांगने का संकट खड़ा हो जाता है।
अधिवक्ता भी जता चुके हैं नाराजगी
एसडीएम की कार्यशैली को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं की नाराजगी भी सामने आ चुकी है। दो दिन पहले अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की थी। अब बाढ़ और कटान के बीच एसडीएम का सीयूजी फोन नहीं उठने की शिकायत सामने आने से प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि इस समय उन्हें अधिकारियों से आश्वासन नहीं, बल्कि जरूरत के समय तत्काल मदद की आवश्यकता है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों के फोन पर उपलब्ध रहने को लेकर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
बाढ़-कटान के बीच एसडीएम से संपर्क नहीं, सीयूजी नंबर पर कई बार फोन के बाद भी नहीं हुई बात


