लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। आकाश आनंद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने बेहद संक्षिप्त और दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “लेकर आएंगे तो ले लेंगे।”
अखिलेश यादव ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “अगर तुम आकाश आनंद को लेकर आओगे तो ले लेंगे, सबके सामने कह दिया। उनकी इच्छा है लेकर आएं, हम ले लेंगे। बात खत्म हो गई।” उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में आकाश आनंद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, आकाश आनंद को लेकर गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी में बड़ा घटनाक्रम हुआ। बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान कर दिया। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था।
मायावती ने इससे एक दिन पहले आकाश आनंद की पार्टी में वापसी को लेकर एक शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि यदि आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेते हैं, तो आकाश को दोबारा जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा सकता है।
मायावती की शर्त के बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने गुरुवार को राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए यह फैसला लिया। हालांकि, इसके बाद भी मायावती ने आकाश आनंद को बसपा से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान कर दिया।
ऐसे समय में अखिलेश यादव का यह कहना कि “लेकर आएंगे तो ले लेंगे” राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी आकाश आनंद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
आकाश आनंद के बसपा से बाहर होने और उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। खासकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अखिलेश यादव का यह बयान सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।


