लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब चार लाख की आबादी प्रभावित है। लखीमपुर में घाघरा नदी किनारे नाव पर बैठे 24 वर्षीय युवक को घड़ियाल पानी में खींच ले गया। पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कर रही है।
बिजनौर में गंगा के बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ रिहाइशी इलाके में पहुंच गया। ग्रामीणों ने उसे रस्सी से बांधकर वन विभाग को सौंप दिया। बलिया में सरयू की बाढ़ से सड़कें जलमग्न हो गईं और कई कारें व बाइकें पानी में डूब गईं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बुधवार को प्रयागराज, कौशांबी, भदोही समेत 10 शहरों में बारिश हुई। पूर्वी यूपी के ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहे, जबकि मध्य और पश्चिमी हिस्सों में धूप निकली। खराब मौसम के चलते लखीमपुर और बरेली में कक्षा आठ तक तथा वाराणसी में कक्षा पांच तक के स्कूल बंद रहे।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में 32 जिलों में 2.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। एक जून से अब तक प्रदेश में 651.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है और मानसून का बारिश कोटा पूरा हो गया है। गुरुवार को 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इनमें 22 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।


