नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार के 14 जिलों में करीब 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और गंगा समेत आठ नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक और घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सारण में माही नदी का जमींदारी बांध टूटने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। लखीमपुर और बरेली में कक्षा आठ तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वाराणसी में प्री-प्राइमरी से कक्षा पांच तक विद्यालय बंद रहेंगे। वहीं कक्षा छह से 12 तक की कक्षाएं सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक चलेंगी। मौसम विभाग ने वाराणसी और प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। पौड़ी में भूस्खलन के कारण कई घरों और दुकानों में दरारें आ गई हैं। पहाड़ी जिलों और ऊधमसिंह नगर में तेज बारिश, गरज और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में फिलहाल राहत है। मौसम विभाग ने 11 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद 12 सितंबर से प्रदेश में बारिश का दौर फिर सक्रिय होने की संभावना है।
उधर, पश्चिम बंगाल के मालदा में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ और कटाव की स्थिति बनी हुई है, जबकि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।


