नई दिल्ली। सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सीबीएसई से कहा कि वह मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा-6 के छात्रों को तीन-भाषा नीति से छूट देने की संभावना पर विचार करे। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने सुझाव दिया कि जो विद्यार्थी इस वर्ष कक्षा-6 में प्रवेश ले चुके हैं, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है और नई व्यवस्था अगले सत्र से लागू की जा सकती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिया कि वह संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा कर जवाब देंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को तय की है। कोर्ट ने इससे पहले भी कहा था कि नई भाषा व्यवस्था लागू करते समय बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ना चाहिए और भाषा शिक्षकों तथा अध्ययन सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
सीबीएसई ने 2026-27 सत्र से नई व्यवस्था के तहत कक्षा-6 से तीसरी भाषा यानी आर-3 को शामिल किया है। बोर्ड के मई 2026 के परिपत्र में स्कूलों को कक्षा-6 में तीसरी भाषा लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, अभी कक्षा-6 के छात्रों को छूट अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने केवल सीबीएसई से इस वर्ष के छात्रों को राहत देने पर विचार करने को कहा है। अंतिम स्थिति केंद्र और सीबीएसई के जवाब तथा अगली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।


